Aaryoddeshya Ratna Maala (1877)

१८७३ में आर्योद्देश्यरत्नमाला नामक पुस्तक प्रकाशित हुई जिसमें स्वामी जी ने एक सौ शब्दों की परिभाषा वर्णित की है। इनमें से कई शब्द आम बोलचाल में आते हैं पर उनके अर्थ रूढ हो गए हैं, उदाहरण के लिए, ईश्वर, धर्म्म, कर्म्म, आदि। इनको परिभाषित करके इनकी व्याख्या इस पुस्तक में है। इस लघु पुस्तिका में ८ पृष्ठ हैं।

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Virendra Agarwal,
May 7, 2012, 9:28 AM
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Virendra Agarwal,
May 8, 2012, 10:29 AM
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aryodeshratnamala - english.zip
(1599k)
Virendra Agarwal,
Jun 9, 2012, 3:00 AM
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